Narayan S G
(Querist) 22 April 2012
This query is : Resolved
क्या कोई भी पुरुष अंतरीम पोटगी केलीये न्यायालय मे दावा पेश कर सकता है की नही जैसे की उसकी बिबी तो काम कर रही है लेकीन बिबीने जो झुठे मुक्कदमे कीये है उस मुक्कदमे के चक्करमे उस पुरुष का काम बंद हुवा है तो वह पुरुष अपनी बिबीसे अंतरीम पोटगी केलीये न्यायालय मे दावा पेश कर सकता है क्या?
prabhakar singh
(Expert) 22 April 2012
पतियों को अपने पत्नी के विरुद्ध भरण पोषण का अधिकार न तो भारतीय दंड सहिंता के अधीन और न ही हिन्दू दत्तक एवं भरण पोषण अधिनिंयम के ही अधीन प्रदान किया गया है .
भरण पोषण का अधिकार भारत में मात्र पत्नी को पति के विरुद्ध विधान में वर्णित शर्तों के अधीन उपलब्ध है .
Shonee Kapoor
(Expert) 22 April 2012
Sirf HMA 24 ki application lag sakti hai, par uske liye koi aur mukadma HMA ke antargat, lambit hona chahiye.
Regards,
Shonee Kapoor harassed.by.498a@gmail.com
prabhakar singh
(Expert) 22 April 2012
मै सोनी साहेब की इस राय से सहमत हूँ की यदि हिदू विवाह अधिनियम के अधीन कोई वाद या याचिका लंबित हो तो उसमे पत्नी के अतिरिक्त पति को भी यह अधिकार प्रदत्त है और वह वाद व्यय तथा भरण पोषण व्यय धारा २४ मे वर्णित शर्तो के सिद्ध किये जाने पर तदर्थ न्यायलय आदेश पारित कर सकती है.
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