Family pension

Querist :
Anonymous
(Querist) 30 May 2018
This query is : Resolved
मैं आपसे पूछना चाहता हूं अगर कोई व्यक्ति सेंट्रल गवर्नमेंट में सर्विस करता है और वहां एक हिंदू है उस व्यक्ति की दो शादियां है सर्विस के दौरान उसके कागजात में उसकी पहली बीवी का नाम दर्ज है उस व्यक्ति ने अपनी पहली बीवी को Ex parte divorce दे दिया रिटायरमेंट होने के पश्चात भी उसके कागजातों में उसकी पहली बीवी का ही नाम था रिटायरमेंट होने के पश्चात उसकी मृत्यु हो गई पर जब फैमिली पेंशन की बारी आई उसमें पाया गया कि पेंशन पेमेंट ऑर्डर में उसकी पहली बीवी का ही नाम दर्ज था जबकि व्यक्ति ने अपनी बीवी को Ex parte divorce दे दिया था तो क्या फैमिली पेंशन की हकदार उसकी पहली पत्नी है जिसका नाम पेंशन पेमेंट ऑर्डर में दर्ज है

Guest
(Expert) 30 May 2018
The department cannot dream about divorce by the employee. The employee was required to submit a revised list of family members on every change, marriage, increase by births or decrease by death or legal divorce. In the absence of notification of any such change, the department has to issue pension payment order on application by the retired employee or his notified wife.
However, if legal divorce is there, a representation along with a certified true copy of decree of divorce may be sent by the legally wedded wife after divorce to the pension sanctioning authority for consideration for change in the pension payment order.

Querist :
Anonymous
(Querist) 30 May 2018
No such thing has been done on the head and in the pension payment order, there is still the name of First Wife, whether or not the first wife should get a pension, even if it is ex parte divorced.

Querist :
Anonymous
(Querist) 30 May 2018
No such thing has been done on the head and in the pension payment order, there is still the name of first legal Wife, whether or not the first legal wife should get a family pension, even if it is ex parte divorced.

Querist :
Anonymous
(Querist) 30 May 2018
No such thing has been done on the head and in the pension payment order, there is still the name of first legal Wife, whether or not the first legal wife should get a family pension, even if it is ex parte divorced.

Guest
(Expert) 30 May 2018
Your question is ridiculous unless you show your real concern with the problem, and whether asking as the first wife, second wife or on behalf of any one of them.
Sudhir Kumar, Advocate
(Expert) 30 May 2018
Mr Dhingra has given you the best possible reply as possible based on the facts you gave.
please state how are you connected to the issue and what you have done so far.

Querist :
Anonymous
(Querist) 30 May 2018
यह सब जानकारी में अपने अंकल की प्रथम पत्नी के पक्ष में रख रहा हूं
मेरे अंकल ऑर्डनेंस फैक्ट्री में सर्विस करते थे उन्होंने अपनी सर्विस के दौरान ही दो शादियां कर रखी थी और प्रथम पत्नी का नाम उनके सर्विस बुक में दर्ज था 2003 में वहां ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से सेवानिवृत्त हो गए थे और 2011 में उनका देहांत हो गया था और वहां ज्यादातर अपनी दूसरी पत्नी के साथ ही रहते थे पहली पत्नी के साथ कम रहना और उनसे कम मिलने के कारण 2011 में जब मेरे अंकल का देहांत हुआ मेरे अंकल की पहली पत्नी को 3 साल बाद पता चला कि उनके पति का देहांत हो गया है |
देहांत होने के बाद जब मेरे अंकल की पहली पत्नी ने पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने हेतु ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में पत्राचार किया तो उनको पता चला की उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर मेरे अंकल की दूसरी पत्नी 2 साल से भी अधिक समय तक पारिवारिक पेंशन का लाभ उठा चुकी थी उसके बाद मेरे अंकल की पहली पत्नी के पत्राचार करने के बाद उस पेंशन को रोका गया और और फिर ऑर्डनेंस फैक्ट्री द्वारा विभिन्न एजेंसियों और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराई गई |
दोनों जांच में पाया गया कि पेंशन पाने की हकदार मेरे अंकल की प्रथम पत्नी है और उसके बाद ऑर्डनेंस फैक्ट्री द्वारा मेरे अंकल की प्रथम पत्नी के दस्तावेज मांगे गए पेंशन जारी करने के लिए अग्रिम कार्यवाही की गई पर हमको इस बारे में कुछ नहीं पता था कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कुछ कर्मचारी मेरे अंकल की दूसरी पत्नी से मिले हुए थे |
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के अधिकारियों कि मिलीभगत के कारण यह मेरे अंकल की दूसरी दूसरी पत्नी 2011 से 2013 तक पारिवारिक पेंशन का लाभ उठा सकी , उस पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने की कार्यवाही नहीं हो पाई और ना ही मेरे अंकल की प्रथम पत्नी की 2013 से अभी तक पेंशन नहीं लग पाई है अब मेरे अंकल की दूसरी पत्नी द्वारा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का जजमेंट ऑर्डनेंस फैक्ट्री में सौंपा गया है जिसमें 2006 में मेरे अंकल की प्रथम पत्नी को ex parte डिवोर्स देने की बात कही गई है जबकि हमारे समझ में यह नहीं आ रहा है जब 2006 में मेरे अंकल ने मेरी आंटी को Ex parte डाइवोर्स दे दिया था तो दूसरी पत्नी द्वारा मेरी आंटी का नाम इस्तेमाल करके 2 साल तक पारिवारिक पेंशन का लाभ क्यों उठाया गया ...
मेरे प्रश्नों यहां है...
1)- जबकि मेरे अंकल की दूसरी पत्नी द्वारा प्रथम पत्नी का नाम इस्तेमाल करके पारिवारिक पेंशन का लाभ गलत तरीके से उठाया गया तो इस मुद्दे में हम क्या करें?
2)- मेरे अंकल की प्रथम पत्नी द्वारा बताया गया है उनको एक भी बार कोर्ट द्वारा Ex Parte डाइवोर्स के संबंध में समन नहीं भेजा गया और ना ही Ex Parte डाइवोर्स की जजमेंट कॉपी भेजी गई जिस के अगेंस्ट में वह अपील कर सकें |
3)- क्योंकि मेरे अंकल की प्रथम पत्नी का नाम पेंशन पेमेंट ऑर्डर और सर्विस बुक में अभी भी दर्ज है तो क्या पेंशन पाने की असली हकदार अभी भी मेरी अंकल की प्रथम पत्नी है जबकि उनको कोर्ट द्वारा Ex Parte डाइवोर्स दे दिया गया है |

Querist :
Anonymous
(Querist) 30 May 2018
यह सब जानकारी में अपने अंकल की प्रथम पत्नी के पक्ष में रख रहा हूं
मेरे अंकल ऑर्डनेंस फैक्ट्री में सर्विस करते थे उन्होंने अपनी सर्विस के दौरान ही दो शादियां कर रखी थी और प्रथम पत्नी का नाम उनके सर्विस बुक में दर्ज था 2003 में वहां ऑर्डिनेंस फैक्ट्री से सेवानिवृत्त हो गए थे और 2011 में उनका देहांत हो गया था और वहां ज्यादातर अपनी दूसरी पत्नी के साथ ही रहते थे पहली पत्नी के साथ कम रहना और उनसे कम मिलने के कारण 2011 में जब मेरे अंकल का देहांत हुआ मेरे अंकल की पहली पत्नी को 3 साल बाद पता चला कि उनके पति का देहांत हो गया है |
देहांत होने के बाद जब मेरे अंकल की पहली पत्नी ने पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने हेतु ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में पत्राचार किया तो उनको पता चला की उनके नाम का गलत इस्तेमाल कर मेरे अंकल की दूसरी पत्नी 2 साल से भी अधिक समय तक पारिवारिक पेंशन का लाभ उठा चुकी थी उसके बाद मेरे अंकल की पहली पत्नी के पत्राचार करने के बाद उस पेंशन को रोका गया और और फिर ऑर्डनेंस फैक्ट्री द्वारा विभिन्न एजेंसियों और डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा जांच कराई गई |
दोनों जांच में पाया गया कि पेंशन पाने की हकदार मेरे अंकल की प्रथम पत्नी है और उसके बाद ऑर्डनेंस फैक्ट्री द्वारा मेरे अंकल की प्रथम पत्नी के दस्तावेज मांगे गए पेंशन जारी करने के लिए अग्रिम कार्यवाही की गई पर हमको इस बारे में कुछ नहीं पता था कि ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के कुछ कर्मचारी मेरे अंकल की दूसरी पत्नी से मिले हुए थे |
ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के अधिकारियों कि मिलीभगत के कारण यह मेरे अंकल की दूसरी दूसरी पत्नी 2011 से 2013 तक पारिवारिक पेंशन का लाभ उठा सकी , उस पर सरकारी धन का दुरुपयोग करने की कार्यवाही नहीं हो पाई और ना ही मेरे अंकल की प्रथम पत्नी की 2013 से अभी तक पेंशन नहीं लग पाई है अब मेरे अंकल की दूसरी पत्नी द्वारा डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का जजमेंट ऑर्डनेंस फैक्ट्री में सौंपा गया है जिसमें 2006 में मेरे अंकल की प्रथम पत्नी को ex parte डिवोर्स देने की बात कही गई है जबकि हमारे समझ में यह नहीं आ रहा है जब 2006 में मेरे अंकल ने मेरी आंटी को Ex parte डाइवोर्स दे दिया था तो दूसरी पत्नी द्वारा मेरी आंटी का नाम इस्तेमाल करके 2 साल तक पारिवारिक पेंशन का लाभ क्यों उठाया गया ...
मेरे प्रश्नों यहां है...
1)- जबकि मेरे अंकल की दूसरी पत्नी द्वारा प्रथम पत्नी का नाम इस्तेमाल करके पारिवारिक पेंशन का लाभ गलत तरीके से उठाया गया तो इस मुद्दे में हम क्या करें?
2)- मेरे अंकल की प्रथम पत्नी द्वारा बताया गया है उनको एक भी बार कोर्ट द्वारा Ex Parte डाइवोर्स के संबंध में समन नहीं भेजा गया और ना ही Ex Parte डाइवोर्स की जजमेंट कॉपी भेजी गई जिस के अगेंस्ट में वह अपील कर सकें |
3)- क्योंकि मेरे अंकल की प्रथम पत्नी का नाम पेंशन पेमेंट ऑर्डर और सर्विस बुक में अभी भी दर्ज है तो क्या पेंशन पाने की असली हकदार अभी भी मेरी अंकल की प्रथम पत्नी है जबकि उनको कोर्ट द्वारा Ex Parte डाइवोर्स दे दिया गया है |
Sudhir Kumar, Advocate
(Expert) 31 May 2018
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Querist :
Anonymous
(Querist) 31 May 2018
Sir I don't understand...

Querist :
Anonymous
(Querist) 31 May 2018
Sir I don't understand...

Querist :
Anonymous
(Querist) 31 May 2018
Sir I don't understand...