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arunmorris   09 October 2016

Pls send full judgment in sc latest judgement in dv act date 07-10-2016

घरेलू हिंसा की शिकायत महिलाओं के खिलाफ भी संभव Hindustan08 Oct. 01:03 चित्र देखने के लिए टैप करें। घरेलू हिंसा कानून की शिकायत अब किसी भी व्यक्ति के खिलाफ की जा सकती है चाहे वह पुरूष हो या महिला। सुप्रीम कोर्ट ने घरेलू हिंसा कानून 2005 की धारा 2(क्यू) में वयस्क पुरूष शब्द को निरस्त कर दिया है और इसकी जगह व्यक्ति कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये शब्द एक समान स्थिति वाले लोगों में भेदभाव कर रहे थे और घरेलू हिंसा कानून के हासिल किए जाने वाले उद्देश्यों के एकदम विपरीतहैं। कोर्ट ने कहा कि वयस्क पुरूष शब्द महिलाओं को हर प्रकार की घरेलू हिंसा से बचाने के सामाजिक कल्याण के कानून को सीमित कर साफ तौर पर बराबरी के सिद्धांत की अवहलेना कर रहे थे। जस्टिस कुरयिन जोसेफ और जस्टिस आरएफ नारीमन की पीठ ने यह फैसला देते हुए कहा कि कानून की धारा 2(क्यू) के प्रावधान व्यर्थ होने के कारण कानून से हटाए जाते हैं। पीठ ने कहा कि यदि प्रतिवादी को सिर्फ वयस्क पुरूष के रूप में ही पढ़ा जाएगा, तो यह साफ है कि महिला संबंधी जिन्होंने वादी को घर से निकाला है, वे इसके दायरे में नहीं आएंगीं। यदि ऐसा होगा तो कानून के उद्देश्य को पुरुषों द्वारा आसानी से समाप्त किया जा सकता है, क्योंकि वे सामने नहीं आएंगे और महिलाओं को आगे कर देंगे, जो शिकायतकर्ता को साझा घर से निकाल देंगी। पीठ ने बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला भी निरस्त कर दिया, जिसमें धारा 2(क्यू) को हल्का किया गया था। इसमें कहा गया था कि इस धारा को अलग से न पढ़ा जाए बल्कि, कानून की योजना के अंदर ही पढ़ा जाए। खासकर, दुखी व्यक्ति, घरेलू संबंधों और साझा निवास के संदर्भ में। हाईकोर्ट ने कहा था कि इस मामले में लोग गैर वयस्कों का प्रयोग करेंगे, क्योंकि जब साझा घर के संबंध में वयस्क संबंधियों के खिलाफ कोर्ट के प्रतिबंधात्मक आदेश पारित कर दिए जाएंगे, तो वे 16-17 साल के गैर वयस्कों को साझा घर में रहने वाली शिकायतकर्ता के निवास में बैठा देंगे। इससे कानून का उद्देश्य समाप्त हो जाएगा। मामले में एक मां-बेटी ने अपने पुत्र, उसकी बीवी तथा उनकी बेटा-बेटी के खिलाफ घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करवाई। लेकिन हाईकोर्ट ने धारा 2(क्यू) को देखते हुए सभी महिलाओं को शिकायत से बाहर कर दिया और बेटे को ही शिकायत में रहने दिया। कोर्ट ने कहा कि इस कानून में वयस्क पुरूष के खिलाफ ही शिकायत की जा सकती है। इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।


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 4 Replies

Kumar Doab (FIN)     09 October 2016

 

 

IN THE SUPREME COURT OF INDIA

CIVIL APPELLATE JURISDICTION

CIVIL APPEAL NO. 10084 of 2016 (ARISING OUT OF SLP (CIVIL) NO. 9132 OF 2015)

HIRAL P. HARSORA AND ORS. …APPELLANTS

VERSUS

KUSUM NAROTTAMDAS HARSORA AND ORS. …RESPONDENTS

 

https://judis.nic.in/supremecourt/imgs1.aspx?filename=44159

 

Kumar Doab (FIN)     09 October 2016

pfa

 

 


Attached File : 60926 20161009204347 107472669 imgs1 1 .pdf downloaded: 82 times

Kumar Doab (FIN)     09 October 2016

Also posted at:

 

https://www.lawyersclubindia.com/forum/details.asp?mod_id=143030&offset=1

Kumar Doab (FIN)     09 October 2016

Member Law Web made the contribution of this judgment to the forum in thread;

 

https://www.lawyersclubindia.com/forum/Whether-woman-and-minor-can-be-respondent-in-dv-act-142999.asp


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