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मेरे पास एक तकनीकी समस्या है मैं निवेदन करुगा की इसपर कुछ चर्चा कर दे
तो घटना ये है 2014 महिला के पिता ने ipc sec 498a ,506 की fir दामाद सास के विरुद्ध लिखाई। fir में 506 से संबंधित शिकायत का उल्लेख नही किया फिर भी लिखा ली क्योके वे पुलिस में ही कार्यरत रहे। पुलिस ने अभीतक समन हेतु आवेदन किया न ही fr लगाई है।
दूसरी ओर महिला ने fir के बाद 2014 में crpc 200 में ipc 498a,323 की परिवाद पति सास ससुर के विरुद्ध दाखिल किया जिसमें सास ससुर के विरुद्ध प्रथम दृष्टया खारिज़ किया तथा पति को समन किया गया जिसमें जमानत मिली।
यहा मैं अपने बड़े भाइयो से डिसकस करना चाहता हु की लोअर कोर्ट में रेमेडी कैसे प्राप्त की जाए यधपि उच्च न्यायालय में तो रिलीफ मिलेगा ही पर लोअर कोर्ट में क्या कोई crpc में आवेदन किया जा सकता है। यदि पुलिस द्वारा fir में समान आवेदन होता है तो सास ससुर को पुनः कोर्ट सामना करना पड़ेगा पति पहले से जमानत पे है मामला उन्ही पार्टी के मध्य है चुकी पिता ने अपनी पुत्री के behalf पे ही fir की
धन्यवाद
यदि एक कृत्य से एक से अधिक कानून भंग होते हैं तो अलग अलग वाद दर्ज हो सकता है | एक ही दफा में दुबारा केस नहीं चल सकता
