Got a letter from epf commisioner

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Querist : Anonymous (Querist)
16 June 2019

Sir,
Maine 2016 mein elf mein register karvaya that as an employer, par maine koi kaam nhi kiya i mean maine koi contract nhi Liya, ab 2019 chal raha ab letter bhej rahe ki apne dues,arrers,land damages,Lil mila ke 500000 jama karvao, sir i m not in a position toh pay this huge amount, maine toh kaam he nhi kiya toh yeah sab kyun, agar letter nikalna tha toh phele nikaalte ab 3 saal ke baad letter de rahe pls suggest something, as if i earn hardly 10000 per month.



Querist : Anonymous (Querist)
16 June 2019

Epf commisioner ke office se letter aya

H.M.Patnaik (Expert)
17 June 2019

Dear Querist,
Once a registration is taken as Employer from EPF authority, it is compulsory on your part to file monthly as well as Annual returns etc. as mentioned in the Registration certificate itself. If you have not filed the same, the authority will demand outstanding EPF dues payable on each month succeeding the month of registration along with Penal dues as per provision of law. The dues are calculated basing on your declaration in the registration application wherein you have given details of each employee(More than 20 ) with their pay structure.so, unless you intimate the Epf office that from the second month , you have no employee(Resigned/terminated), the office will demand epf dues and penalty on unpaid dues. So, better consult a experienced epf practitioner locally for settling the issue as early as possible.

Dr J C Vashista (Expert)
17 June 2019

Use either English or Hindi but not Winglish.

Sudhir Kumar (Expert)
18 June 2019

जिस आदमी में योग्यता मात्र 10,000 महीना कमाने की हो व employer. बनकर किसी सरकारी संस्थान में रजिस्ट्रेशन करवाएगा ही क्यों

अक्सर लोग सरकारी टेंडर में छद्म बोली लगाने के लिए (दोस्त /रिश्तेदारों के नाम से) 2-3 जाली कम्पनियाँ बना कर | उनसे ऊँची बोली वाला टेंडर भरवाते हैं ताकि मूल कंपनी का टेंडर न्यूनतम साबित हो सके | टेंडर भरने के लिए EPF./ ESI, रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होता है| अत: छद्म कंपनियों का EPF./ESI. में रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं | हरेक छद्म कंपनी में 20 कर्मचारियों की सूची (जोकि वजूद में नहीं होते ) देकर एक माह का PF, भी जमा करवा देते हैं | मूल कंपनी टेंडर ले लेती है | फिर छद्म कंपनियों के रजिस्ट्रेशन को भूल जाते हैं |

ऐसे में उन छद्म कंपनी का नाम EPFO. की बही में दर्ज रहता है और कम्प्युटर उनको defaulter. दिखाता रहता है |

और फिर वह अपवंचन का नोटिस आने पर, बहाने लगाते नजर आते हैं की रजिस्ट्रेशन करवा लिया था (२० कर्मचारी दिखाकर ) फिर व्यापार नहीं मिला और छिपाते है की :-

(क) जब धंधा ही नहीं था तो EPF. रजिस्ट्रेशन क्यों और २० कर्मचारी कहाँ से आये |

(ख) अगर धंधा नहीं था तो उन २० कर्मचारियों को कब नौकरी से अलग किया और कब EPFO. को फार्म ५/१० की रिटर्न के माध्यम से बताया और कब रजिस्ट्रैशन निरस्त करने का निवेदन किया |

(ग) जब तक व कर्मचारी अलग नहीं किये तब तक का PF. जमा करवाया या नहीं

जिसे आप पत्र समझ रहे हैं वह धारा 7(A.) का नोटिस होगा | या आप धारा 7(A.) की कार्यावाही की अवहेलना कर बाजी हार चुके है और धारा 8 में आपकी खिलाफ वसूली की कारवाही हो रही है (जिसके लिए EPFO, को कोर्ट नहीं जाना होता)

आपका कहना है की 3 साल बाद नोटिस क्यों दिया गया है ? पर ध्यान रहे सरकारी संसथान अपवंचन कभी भी पकड़ सकता है | और आपको यह नोटिस 50,000 होने पर दिया गया है 5,00,000 होने से पहले

आपका कहना है की आप यह पैसा नहीं दे सकते परन्तु EPFO. पैसा वसूल करना चाहे तो वसूलना तो उनको आता है | उनकी पावर को नजरअंदाज मत कीजिये | वह विभाग स्वयं (बिना कोर्ट ऑर्डर के) कुर्की/गिरफ़्तारी करने में सक्षम है |



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