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Bharat
Wrote on 04 September 2017  

Sir i want to case the file against the mentally hrassment. My story is so long but i want to tell u all thing. She used to scold all the time. She abusing so many time. Vo mujhe hamesha neecha dikhati thi. Maine use kai bar kaha bhi ki meri tabiyat kharab ho jati h ye sab batein sunkar. But uske oopar koi effect nahi pada. Finally mai depression m aa gaya aur total 6 month mental raha. I have all medical proofs. Theek hone ke bad maine isse fir contact kiya fir gadi sahi chali uske bad fir vahi purana. Tu aisa h teri koi ijjat nahi. Aur finally mai dubara dippresion m agaya but is bar maine khud hi milna kam kar diya tha to poora pagal nahi hua pahle ki tarah. Aur ab vo mujhe chhodana chahti h. Usne bht khilwad kiye h. Yaha tak ki meri id ka data delete kar diya. Mujhse meri person family id le li. Aap sochiye kya beeti hogi mere oopar. Batane ko abi bht kuchh h. Bas hamare beech sirf sex nahi hua h aur ham poori tarah se physically ho chuke b kai bar. Mai uske pyar m pagal hoo. Isliye mai use dhoke ki saja dena chahta hoo. Abhi do mahane pahle hi shadi ki kaha tha usne mujhse. Mere pas evidence b h. Aur ab kahti h ki ye sab bekar h. Ab mai use kuchh b nahi samjhana chahta. Bas case file karke samaj ko jagrat karna chahta hoo. Ki plz dont cheat any buddy 's I motions.


Kunuthur Srinivasa Reddy
Wrote on 01 September 2017  

When there is a clear law enacted to prohibit dowry in marriages, both the donor as well as acceptor of dowry should be made liable for punishment. Whereas, it is the acceptor who is punished but not the donor, on being found guilty. Why this discrimination and double standards before the law? Will it not reflect badly over Judiciaary? Therefore, I suggest for inventory of gifts recorded and signed by both the donor and acceptor at the time of marriage. Truly speaking, 498a of IPC has been brutally abused by women in India as rightly concluded by the Supreme Court of India. For instance, my son got married on 25.8.2004,son born on 01.08.2005 and his wife filed a 498a case against him on in October 2015 at the Women Police Station, Hyderabad alleging that dowry in cash Rs.25 lakhs was paid to me secretly with in four walls by his father in law, though in reality not even a single paise was neither demanded nor given as dowry or anything else whatsoever. The FIR was filed in Family Criminal Court by the Police dept.on 06.01.2016 and is pending since then. My grandson has been a victim of international parental child abduction since 18.04.2013 who was abducted from Canada to India by child's mother who shamelessly looted my son on 04.07.2013 Canadian Dollars 17000 his sole earnings, under joint account in a bank meant for family use in good faith after filing divorce petition in Hyderabad on 13.06.2013. Is it not a mockery of womanhood and gross abuse of 498a? Thank you for the patience.


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


MANOJ KUMAR SONI
Wrote on 06 September 2015  

सर मेरी वाइफ ने 498A दर्ज कराया था।अब पैसे लेने के बाद उसने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करवा दिया है की वो राजीनामा करने को तैयार है और गुस्से में 498A दर्ज करा दिया था। पर श्रीमान जज साहब ने अभी केस खत्म नहीं किया और कहा है की अभी यह विचाराधीन रहेगा। सर मैं जानना चाहता हु की अब केस कब तक चलेगा और क्या होगा आगे।केस ख़त्म कैसे होगा।अब वो अपना बयान बदल तो नहीं सकती ना? Please suggest me


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