जनहितयाचिकाओं का निःस्वार्थरूपेण दायर कराने के लिए अधिवक्ताओं, पत्रकारों इत्यादि प्रत्येक का आह्वान
मैंने(सुमित कुमार राय, भोपाल, 09425605432, आंग्लभाषा से हिन्दी स्वच्छन्द अनूदक, जन्म 1987) विभिन्न विषयों पर कुछ विश्लेषण किये हैं, जिन्हें जनहितयाचिकाओं के रूप में दायर किये जाने की आवश्यकता है ताकि उन दिशाओं में शीघ्र परिणाम-मूलक कार्यवाही सम्भव हो, उदाहरणार्थ जिस प्रकार तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन को प्रतिबंधित किया गया है, उसी प्रकार रासायनिक उर्वरकों/पीड़कनाशियों के विज्ञापन को भी प्रतिबंधित किया जाये(क्योंकि ये तो सम्पूर्ण पारिस्थितिक-तंत्र के लिए घातक हैं, प्रमाणस्वरूप इंटरनेट व कृषि मंत्रालय इत्यादि के सर्वेक्षण प्रस्तुत किये जा सकते हैं, कुछ विषयों पर शासन से मेरे कुछ पत्र-व्यवहार भी रहे हैं)। ऐसे अधिवक्ताओं, पत्रकारों एवं अन्य व्यक्तियों को आगे आना होगा, जो उक्त में से एक अथवा अनेक जनहितयाचिकाओं को निःस्वार्थरूपेण(बिना किसी शुल्क/1 रुपया के कार्यविधि व्यय इत्यादि के) दायर करें, क्योंकि जहाँ धन का कुछ अंश भी आ जाये, वहाँ निःस्वार्थभाव का लगभग लोप हो जाता है।
मुझे ज्ञात है कि इस कलुषित मानव-समाज में ऐसे निःस्वार्थ व्यक्तियों की संख्या अतिसीमित होगी परन्तु आशा तो बनी ही रहती है कि कुछ व्यक्ति तो अवश्य आगे आयेंगे। अधिवक्ता/जनहितयाचिका दायरकत्र्ता स्वयं अपने नाम से भी जनहितयाचिका दायर कर सकता है, मेरा कार्य तो ‘बौद्धिक प्रेरक’ का है, जो दिशा-निर्धारण, साक्ष्य/प्रमाण/तर्क एकत्र करने के लिए पथ-प्रदर्शन करेगा, यदि 3-4 जनहितयाचिकाएँ दायर करनी होतीं, तो स्वयं की जा सकती थीं परन्तु वर्तमान में मेरे पास 80 से अधिक ऐसे विषय हैं, जिन पर अभी सप्रमाण जनहितयाचिकाएँ दायर की जा सकती हैं, इसीलिए तो आप सबमें से प्रत्येक के आह्वान की आवष्यकता है ताकि यह बहु-उद्देश्यीय पुनीत परियोजना सफलतापूर्वक शीघ्र पूर्ण हो सके। जनहितयाचिका को दायर करने के इस पुनीत कार्य को अपना सामाजिक/वैधानिक कार्य मानकर करने हेतु सम्पर्क करें
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